छत्तीसगढ़ विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित

By: Admin
Aug 03 2017
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  • मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाब मांगने की बजाय हल्ला कर रहा है विपक्ष

रायपुर : मानसून सत्र के तीसरे दिन भी प्रदेश की विधान सभा में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान अपने तमाम विधेयकों को सत्ता पक्ष ने बड़ी कुशलता से पास करवा लिया और उसके बाद विधान सभा की कार्रवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विपक्ष को सरकार से जवाब लेना चाहिए पर वो हल्ला करने पर आमादा है। आठ दिन चलने वाली सदन की कार्यवाही महज ढाई दिन ही चल सकी। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है।

कब क्या -क्या हुआ 

आज प्रश्रकाल तो ठीकठाक ढंग से चला। बीच-बीच में नारेबाजी और वॉकआउट का दौर भी चलता रहा। एक बार तो कांग्रेस के 33 विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में चले गए जिससे वे सभी स्वयमेव निलंबित हो गए। प्रश्नकाल के दौरान कांकेर वन वृत में पेड़ खरीदी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने 78 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। मोहन मरकाम ने कहा कि, 2015-16 नीलगिरी का पौधे की खरीदी तय मूल्य से ज्यादा पर की गई है। जिससे वन विभाग को करोड़ों रुपए का चूना लगा है। इसका जवाब देते हुए वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि विधायक के आरोप ही सही नहीं हैं। वे जितने पौधों की खरीदी का आंकड़ा दे रहे हैं, उतने की खरीदी का तो आदेश ही नहीं हुआ था। वन मंत्री ने सदन को बताया कि ये पेड़ कम दाम पर खरीदे गए थे जिससे विभाग के पैसों की बचत भी हुई। इस पर तपाक से मोहन मरकाम ने कहा कि फिर वन मंत्री उस आदेश की कॉपी पटल पर रखें। वनमंत्री ने उनको आदेश की कॉपी देने का आश्वासन दिया। 

प्रश्रकाल में अमरजीत भगत ने बिलासपुर में हाथियों के उत्पात का मामला उठाया। विधायक भगत ने बताया कि सीतापुर के रास्ते हाथियों का दल बिलासपुर आता है। यहां जंगली हाथी किसानों की फसलों और आम लोगों की जान को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने वन मंत्री से इसका जवाब मांगा। वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि सरकार ये बिल्कुल नहीं चाहती कि हाथी किसी आदमी की जान लें, अथवा किसी भी किसान की फसल को नुकसान पहुंचाएं। जिनकी भी फसलों का नुकसान हुआ है,उनको मुआवजा दिया गया है। हाथियों को लेकर ही महासमुंद के विधायक विमल चोपड़ा ने भी सवाल दागा। इसके अलावा कमलेश्वर साहू,नवीन मारकंडे, सरोजिनी बंजारे, भोलाराम साहू, अमित जोगी और चुन्नीलाल साहू और डॉ खिलावन साहू ने भी प्रश्र किए। 

फिर हुआ हंगामा

अंत में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा जैसे ही अपना सवाल पूछने खड़े ही हुए थे कि प्रश्रकाल समाप्त हो गया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और दूसरे अन्य विधायकों ने शोरशराबा मचाना शुरू कर दिया। अपने 33 विधायकों को साथ लेकर भूपेश बघेल जैसे ही गर्भगृह में गए। सारे विधायक निलंबित हो गए। आज खास बात ये रही कि कांग्रेसियों के साथ ही रेणु जोगी, अमित जोगी, सियाराम कौशिक भी मौजूद रहे।


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